भारतीय ग्राम संस्कृति और सौंदर्य का अनूठा कलात्मक छायाकंन

भारतीय ग्राम संस्कृति और सौंदर्य का अनूठा कलात्मक छायाकंन
सागर।  डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में मनोहर काजल की चित्र प्रदर्शनी। देश के जाने माने वरिष्ठ छायाकार चित्रकार दमोह निवासी मनोहर काजल के ग्रामीण जीवन पर आधारित चित्रों कला की प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला एवं प्रदर्शनकारी कला के विभागाध्यक्ष डॉ. ललित मोहन एवं हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर फाइन आर्ट की शिक्षक सुप्रथा दास, चित्रकार डॉ. अर्चना द्विवेदी और फाइन आर्ट के छात्र- छात्राएं उपस्थित थे। 73 वर्षीय मनोहर काजल ने ग्रामीण जीवन पर आधारित चित्रों की समझ और कलात्मकता से छात्र-छात्राओं को परिचित कराया। ललित कला एवं प्रदर्शनकारी कला विभाग नेयह चित्र प्रदर्शनी 04 फरवरी से 08 फरवरी तक प्रत्येक दिन दोपहर 01 बजे से शाम 05 बजे तक  सभी के लिए संचालित की है कला प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में आकर चित्रों का अवलोकन एवं चित्रकार से संवाद कर सकते हैं।