हरिवंश राय बच्चन हिंदी के सबसे लोकप्रिय कवियों में एक हैं, उनके जीवन से जुड़ी कई खास बातें

हरिवंश राय बच्चन हिंदी के सबसे लोकप्रिय कवियों में एक हैं, उनके जीवन से जुड़ी कई खास बातें

हरिवंश राय बच्चन हिंदी के सबसे लोकप्रिय कवियों में एक हैं .  उनके जीवन से जुड़ी कई खास बातें...
आज हिंदी भाषा के कवि और लेखक हरिवंश राय श्रीवास्तव 'बच्चन' का जन्मदिन है. वो हिंदी के प्रमुख कवियों में से एक हैं. 'बच्चन' की कविता के साहित्यिक महत्व के बारे में अनेक मत हैं, पर उनकी लोकप्रियता विवादों से परे है. उनकी कविताएं सर्वग्राह्य और सर्वप्रिय हैं. हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन को बचपन में बच्चन कहा जाता था जिसका शाब्दिक अर्थ बच्चा या संतान होता है और बाद में वे इसी नाम से मशहूर हुए.
 
हरिवंश राय ….

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क्यों अंबेडकर ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया

क्यों अंबेडकर ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया

भारत के संविधान निर्माता  और  समाज सुधारक बाबा साहेब अंबेडकर का निधन आज ही के दिन हुआ था. जानिए उनके बारे में...
समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ भीमराव अंबेडकर की आज 63वीं पुण्यतिथि है. उन्हें बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है. वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री थे और भारतीय संविधान के रचनाकार माने जाते हैं. उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया. श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया.  6 दिसंबर 1956  को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कई बातें ….

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भारत के पहले बित्तमंत्री थे लियाकत अली, बाद में बने पाक के प्रधानमंत्री

भारत के पहले बित्तमंत्री थे लियाकत अली, बाद में बने पाक के प्रधानमंत्री

आज पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की जयंती है. जानें- उनके बारे में ये खास बातें...
आज पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली की 123वीं जयंती है. उनका जन्म 1 अक्टूबर 1895 को करनाल में हुआ था. लियाकत अली ने आजादी और विभाजन के दौरान हिंदू-मुसलमान संबंधों को लेकर अहम भूमिका निभाई थी. जिस तरह भारत में जवाहर लाल नेहरू हैं, उसी तरह पाकिस्तान में लियाकत अली का नाम आता है. वहीं पाकिस्तान के ये पहले प्रधानमंत्री और भारत के पहले वित्त मंत्री थे.
 
जानें- उनके बारे में ...
 
- लियाकत अली आजाद प ….

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आज दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया गया

आज दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया गया

आज दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. जानें- कैसे हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत... सबसे पहले कहां मनाया गया था शिक्षक दिवस?
आज अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस है. यूनेस्को ने साल 1994 में  5 अक्टूबर को इस दिन को मनाने की घोषणा की थी, तभी से ये दिन  मनाया जा रहा है. वहीं भारत में शिक्षक दिवस' 5 सितंबर को मनाया जाता है. रोचक बात यह है कि 'शिक्षक दिवस' विश्व के अधिकांश देशों में मनाया जाता है, लेकिन सबने इसके लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए हुए हैं. इसलिए कुछ देशों में 'शिक्षक दिवस' वाले दिन अवकाश रहता है, वहीं बाकी देशों में उस ….

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सामाजिक सुधार युग के पितामह कहे जाने वाले राजा राममोहन राय की आज पुण्यतिथि

सामाजिक सुधार युग के पितामह कहे जाने वाले राजा राममोहन राय की आज पुण्यतिथि

भारत के विचारों में सुधार लाने वाले और सामाजिक सुधार युग के पितामह कहे जाने वाले राजा राममोहन राय की आज पुण्यतिथि है. जानें- कैसे उनका सारा जीवन महिलाओं के हक के लिए संघर्ष करते हुए बीता....
आज सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता राजा राममोहन राय की पुण्यतिथि है. भारत के विचारों में सुधार लाने वाले राजा राममोहन' का निधन 27 सितंबर 1833 को इंग्लैंड में हुआ था. बता दें, उनका जन्म 22 मई 1772 को हुआ था और उन्हें आधुनिक भारत का जनक भी कहा जाता है. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कई अहम बातें...
 
- उनकी जन्म बंगाल में एक ब्राह्मण परिवार में ….

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कारगिल ने किया नाम अमर :विक्रम बत्रा 'शेरशाह'

कारगिल ने किया नाम अमर  :विक्रम बत्रा 'शेरशाह'

भारत के वीर विक्रम बत्रा का आज जन्मदिन है. जानें- कैसे उन्होंने अपने साथी ऑफिसर को बचाते हुए अपनी जान दे दी थी....
कारगिल युद्ध के जांबाज कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म आज ही के रोज हुआ था. विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की. जिसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया. आइए जानते उनकी वीरता के वो किस्से, जिन्हें आज भी देश याद रखता है..
 
पालमपुर में जी.एल. बत्रा और कमलकांता बत्रा के घर 9 सितंबर 1974 को दो बेटियों के बाद दो जु ….

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73 साल पहले खत्म हुआ था दूसरा विश्व युद्ध

73 साल पहले खत्म हुआ था दूसरा विश्व युद्ध

द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चलने वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. जो आज ही के दिन खत्म हुआ था... जानें- इस युद्ध से जुड़ी अनसुनी बातें...
73 साल पहले आज ही के दिन यानी 2 सितंबर, 1945 में जापान के तत्तकालीन विदेश मंत्री मामोरू शेगेमित्सू ने द्वितिय विश्वयुद्ध में आत्मसमर्पण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया था. जिसके बाद दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति हो गई थी. इसी मौके पर जानते हैं दूसरे विश्व युद्ध से जुड़ी बातें..
 
- द्वितीय विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चलने वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. लगभग 70 देशों की थल-जल-वायु सेनाएं इस युद्ध में सम् ….

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राष्ट्रीय खेल दिवस: हॉकी के जादूगर थे ध्यानचंद, किए थे ये कारनामे

राष्ट्रीय खेल दिवस: हॉकी के जादूगर थे ध्यानचंद, किए थे ये कारनामे

हर साल 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है. यह दिवस खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन मनाया जाता है.
आज राष्ट्रीय खेल दिवस है, जो हर साल 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन मनाया जाता है. ध्यानचंद ने भारत को ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलवाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी को पहचान दिलाई.  उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनके जन्मदिन 29 अगस्त को हर वर्ष भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है.
 
बता दें कि इसी दिन खेल जगत में उत्कृष्ट प्र ….

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भारत में पहली बार बायो फ्यूल से उड़ा प्लेन, जानें- क्या है खास

भारत में पहली बार बायो फ्यूल से उड़ा प्लेन, जानें- क्या है खास

भारत में पहली बार जैव ईंधन से एक विमान ने उड़ान भरी और यह फ्लाइट देहरादून से नई दिल्ली आई. आइए जानते हैं इस विमान से जुड़ी अहम बातें...
भारत अब जैव ईंधन से विमान उड़ाकर विकसित देशों के क्लब में शामिल हो गया है. साथ ही भारत यह कारनामा करने वाला पहला विकसित देश भी बन गया है. बता दें कि सोमवार को स्पाइसजेट ने आंशिक रूप से जैव-ईंधन संचालित देश की पहली परीक्षण उड़ान भरी. आइए जानते हैं इस विमान से जुड़ी अहम बातें...
 
- स्पाइसजेट के क्य ….

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बंटवारे के दर्द से समाज की हकीकत बताती हैं कुलदीप नैयर की किताबें

बंटवारे के दर्द से समाज की हकीकत बताती हैं कुलदीप नैयर की किताबें

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर नहीं रहे. उन्होंने अपने जीवन में कई किताबें लिखीं. इसमें कई भारतीय राजनीति और आपातकाल पर आधारित थीं.
लेखक कुलदीप नैयर का 95 साल की उम्र में निधन हो गया है. पत्रकारिता जगत में कई सालों तक सक्रिय रहने के साथ उन्होंने राजनेता, डिप्लोमेट के तौर पर भी काम किया. उन्होंने अपने जीवन में कई किताबें लिखीं, जिसमें उनकी आत्मकथा भी शामिल है. वहीं उन्होंने अपनी किताबों से राजनीति के कई राज भी खोले हैं. आइए जानते हैं उनकी कुछ प्रमुख किताबों के बारे में...
 
बियॉन्ड द लाइंस
 
यह कुलदीप नैयर ….

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बेहतर इंसान बनना चाहते हैं? जरूर पढ़ें मदर टेरेसा के ये विचार

बेहतर इंसान बनना चाहते हैं? जरूर पढ़ें मदर टेरेसा के ये विचार

जीवन में भटक रहे हैं और पॉजिटिव होना चाहते हैं तो पढ़ें मदर टेरेसा की ये बातें...
मदर टेरेसा का आज 108वां जन्मदिन है. उनका जन्म 26 अगस्त 1910 को हुआ था. दुनिया में और खास तौर से भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसा ही कोई होगा जो मदर टेरेसा के नाम से वाकिफ न हो. उन्होंने अपनी पूरा जिंदगी दूसरों की सेवा में समर्पित कर दी. जानते हैं उनके ऐसे प्रेरेणादायक विचारों के बारे में जो आपकी जिंदगी को बेहतर बना देंगे.
 
मदर टेरेसा के अनमोल विचार...
 
- मैं चाहती हूं कि आप अपने पड़ोसी के बारे में चिंतित रहें. क्या आप अपने पड ….

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चांद पर पहला कदम रखने से पहले इस युद्ध में शामिल हुए थे नील आर्मस्ट्रांग

चांद पर पहला कदम रखने से पहले इस युद्ध में शामिल हुए थे नील आर्मस्ट्रांग

नील आर्मस्ट्रांग अपोलो 11 अंतरिक्षयान में सवार हुए थे जो 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर उतरा था. उनके साथ एक अन्य अंतरिक्षयात्री एडविन एल्ड्रिन भी थे. 25 अगस्त 2012 को उन्होंने दुनिया का अलविदा कह दिया था..
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग को दुनिया एक ऐसे शख्स के तौर पर जानती है जिसने चांद पर पहला  कदम रखा था. उनका निधन आज ही के रोज 2012 में 25 अगस्त को हुआ था.
 
नील आर्मस्ट्रांग का जन्म 5 अगस्त 1930 को अमेरिका के ओहियो प्रान्त के वापाकोनेता में हुआ था. चांद पर सबसे पहले कदम रखने वाले नील में हवाई यात्राओं के प्रति रुचि बचपन ….

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इस ब्रिटिश अधिकारी के कत्ल में शामिल थे राजगुरु, फिर मिली फांसी की सजा

इस ब्रिटिश अधिकारी के कत्ल में शामिल थे राजगुरु, फिर मिली फांसी की सजा

भारत को आजाद कराने के क्रम में हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद राजगुरु साल 1908 में 24 अगस्त के रोज ही पैदा हुए थे.
भारत की आजादी के लिए न जाने कितने क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहूति दी लेकिन राजगुरु को हमेशा से ही ऊंचे पायदान पर रखा जाता रहा है. वह महज 22 साल की उम्र में ही देश के लिए शहीद हो गए थे. उनका पूरा नाम शिवराम राजगुरु था और साल 1908 में 24 अगस्त के रोज ही जन्मे थे.
 
आइए जानते हैं उनके बारे में..
 
राजगुरु के पिता का निधन उनके बाल्यकाल में ही हो गया था. जिसके बाद पालन-पोषण ….

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क्या होता है गंभीर आपदा और राष्ट्रीय आपदा में अंतर, कैसे मिलती है मदद?

क्या होता है गंभीर आपदा और राष्ट्रीय आपदा में अंतर, कैसे मिलती है मदद?

केरल में आई बाढ़ के बाद इसे राष्ट्रीय आपदा या गंभीर आपदा घोषित करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
केरल में आई भीषण बाढ़ से पिछले 13 दिनों में 233 मौतें हो चुकी हैं. बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की जा रही है.
 
हालांकि, केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथानम ने कहा है कि आपदा प्रबंधन कानून 2005 में किसी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान नहीं है. आइए जानते हैं कि राष्ट्रीय आपदा और गंभीर आपदा में क्या अंतर होता है.
 
 
आपदा की परिभाषा
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सांसदों को नहीं देना पड़ता इनकम टैक्स, जानिए- कितनी होती है सैलरी?

सांसदों को नहीं देना पड़ता इनकम टैक्स, जानिए- कितनी होती है सैलरी?

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में मांग उठाई है कि जिस दिन सदन की कार्रवाई स्थगित हो सदस्यों को उस दिन का भत्ता नहीं दिया जाए. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे सदन को पत्र लिखा.
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में मांग उठाई है कि जिस दिन सदन की कार्रवाई स्थगित हो सदस्यों को उस दिन का भत्ता नहीं दिया जाए. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे सदन को पत्र लिखा. आज हम आपको बताते हैं कि सांसदों को कितनी सैलरी और कितना भत्ता मिलता है, जिस पर कई बार सवाल उठ चुके हैं...
 
बताया जाता है कि हमारे सांसद देश की औसत आय से 68 गुना ज्यादा वे ….

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भारत में सबसे ज्यादा हिंदी बोलते हैं लोग, संस्कृत की हालत खराब

भारत में सबसे ज्यादा हिंदी बोलते हैं लोग, संस्कृत की हालत खराब

भारत में हिंदी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है. खास बात ये है कि 2011 के जनगणना के आधार पर हिंदी बोलने वाले लोगों में इजाफा हुआ है.
भारत में हिंदी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है. खास बात ये है कि 2011 के जनगणना के आधार पर हिंदी बोलने वाले लोगों में इजाफा हुआ है. 2001 में 41.03 फीसदी लोगों ने हिंदी को मातृभाषा बताया था जबकि 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43.63% हो गई है. वहीं दूसरे स्थान पर बांग्ला भाषा बरकरार है, उसके बाद मराठी का नंबर है.
 
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इससे पहले तीसरे स्थान पर तेलुगू थी, लेकिन अब उसकी जगह मराठी ने ल ….

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जानें- अब तक क्यों बनी हुई है नेताजी की मौत रहस्य..?

जानें- अब तक क्यों बनी हुई है नेताजी की मौत रहस्य..?

सुभाष चंद्र बोस की मृत्‍यु हमेशा ही विवादों के घेरे में रही है. लोगों को भी समझ नहीं आया कि आखिरकार बोस कहां गायब हो गए.
सुभाष चंद्र बोस  भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों में एक वो नाम हैं, जिसने अपने क्रांतिकारी तेवर से ब्रिटिश राज को हिलाकर रख दिया था. आज ही के दिन 18 अगस्त 1945 में हुआ था. उनकी मृत्‍यु हमेशा ही विवादों के घेरे में रही है. लोगों को भी समझ नहीं आया कि आखिरकार बोस कहां गायब हो गए. आइए जानते हैं उनके बारे में..
 
- नेताजी का जन्म उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था. कटक में प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद ….

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कवि, पत्रकार, फिर राजनेता: हर रोल में वाजपेयी ने जमाई धाक

कवि, पत्रकार, फिर राजनेता: हर रोल में वाजपेयी ने जमाई धाक

अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार 1957 में संसद सदस्य चुने गए थे. साल 1950 के दशक की शुरुआत में आरएसएस की पत्रिका को चलाने के लिए वाजपेयी ने कानून की पढ़ाई बीच में छोड़ दी.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालात अब भी नाजुक बनी हुई है. उन्हें फुल लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है. बता दें, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बुधवार को देर रात प्रेस रिलीज जारी कर बताया था उनकी हालत पिछले 24 घंटों में ज्यादा बिगड़ गई है. वहीं थोड़ी देर में एम्स की ओर से वाजपेयी का नया हेल्थ बुलेटिन जारी किया जाएगा.
 
अटल बिहारी वाजपेयी यूं तो भारतीय राज ….

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15 अगस्त: PM बनने के बाद भी लालकिले पर झंडा नहीं फहरा सके ये नेता!

15 अगस्त: PM बनने के बाद भी लालकिले पर झंडा नहीं फहरा सके ये नेता!

जानें- ऐसे प्रधानमंत्री के बारे में जिन्हें 15 अगस्त को नहीं मिला तिरंगा फहराने का सौभाग्य...
हर साल 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय धवज तिरंगा फहराते हैं और देश के नाम एक संदेश देते हैं. लेकिन इतिहास में कई ऐसे प्रधानमंत्री भी रहे हैं, जिन्हें देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद भी तिरंगा फहराने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ. वहीं कई ऐसे प्रधानमंत्री भी रहे हैं, जिन्होंने 10 से ज्यादा बार लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित किया है. आइए जानते हैं 15 अगस्त पर तिरंगा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों को लेकर एक रिपोर्ट...
 
- जवाहर लाल न ….

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15 अगस्त को भारत के साथ ये 4 देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न

15 अगस्त को भारत के साथ ये 4 देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न

15 अगस्‍त की तारीख को केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के चार और देशों को आजादी मिली थी. जानें- इन देशों के नाम.
15 अगस्त करीब आने के साथ ही देश आजादी के 71वें साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है. इस दिन साल 1947 में भारत अंग्रेजों की करीब 200 साल की गुलामी से आजाद हुआ था. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत के साथ ही चार ऐसे देश और हैं, जो इसी दिन अपनी आजादी का जश्न मनाते हैं, क्योंकि 15 अगस्त के ही दिन इन देशों ने भी परतंत्रता से स्वतंत्रता की ओर कदम रखा था. आइए जानते हैं उन देशों के बारे में...
 
15 अगस्त भारत के अलावा तीन अन्य देशों क ….

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खुदीराम बोस: सबसे कम उम्र में भगवद गीता को साथ लेकर ये क्रांतिकारी हुआ शहीद

खुदीराम बोस: सबसे कम उम्र में भगवद गीता को साथ लेकर ये क्रांतिकारी हुआ शहीद

जानें- खुदीराम बोस के बारे में... जो देश के लिए सबसे कम उम्र में चढ़ गया फांसी पर..
हिंदुस्तान की आजादी के लिए ना जाने हमारे देश के कितने युवा फांसी पर चढ़ गए. उन्‍हीं में से एक ऐसा नाम है, जिसका जिक्र भले ही ना होता हो, लेकिन देश की आजादी के लिए सबसे कम उम्र का ये लड़का फांसी चढ़ गया था. हम बात कर रहे हैं महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की. जो भारतीय स्वाधीनता के लिये मात्र 18 साल की उम्र में देश के लिए फांसी पर चढ़ गए. वह सबसे कम उम्र के उग्र और युवा क्रान्तिकारी देशभक्त माने जाते हैं.
 
आइए जानते हैं खुदीराम बोस के बारे में..
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पुण्यतिथि: जानें- व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के बारे में.

पुण्यतिथि: जानें- व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के बारे में.

जानें- हिंदी साहित्य के सबसे बड़े व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के बारे में... ऐसे की थी लिखने की शुरुआत.
हमारे देश के दिग्गजों ने व्यंग्य को लेकर नए कीर्तिमान रचे जिन्होंने व्यंग्य को हल्के-फुल्के होने के भाव से उठाकर नई पहचान दिलाते हुए लोकप्रिय बनाया है और उनमें से एक व्यंग्यकार हैं हरिशंकर परसाई. उनका निधन आज ही के रोज 22 अगस्त 1995 में हुआ था. आज उनकी 63वीं पुण्यतिथि है. आइए जानते हैं उनके बारे में..
 
जीवन परिचय
 
हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त 1924 को मध्य प्रदेश के इटारसी के पास जमाली में हुआ. गांव ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 1 जुलाई

देश और दुनिया के इतिहास में 1 जुलाई

देश और दुनिया के इतिहास में आज का दिन कई कारणों से खास है. आज ही के दिन मशहूर बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया का जन्म हुआ था.
 
1938: मशहूर बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया का जन्म आज ही के दिन हुआ था.
 
1882: पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधान चंद्र राय का जन्म आज ही के दिन हुआ था. उनके जन्म दिन को देश में डॉक्टर दिवस के रूप में मनाया जाता है.
 
1987: न्यूयॉर्क में खेल को समर्पित स्टेशन 'डब्लूएएफएन' स्थापित किया किया.
 
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कबीर के ऐसे दोहे जो जिंदगी का फलसफा सिखाते हैं

कबीर के ऐसे दोहे जो जिंदगी का फलसफा सिखाते हैं

ये हैं कबीर के चर्चित दोहे और उनकी व्याख्या
 
1- दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय
जो सुख में सुमिरन करे, दुख काहे को होय
 
व्याख्या: हम सभी परेशानियों में फंसने के बाद ही ईश्वर को याद करते हैं. सुख में कोई याद नहीं करता. जो यदि सुख में याद किया जाएगा तो फिर परेशानी क्यों आएगी.
 
2- बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय
जो मन खोजा आपना, तो मुझसे बुरा न कोय
 
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जानें, भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक वाली रात की पूरी कहानी

जानें, भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक वाली रात की पूरी कहानी

2 साल पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर भारतीय सेना की कार्रवाई का वीडियो सामने आया है. सितंबर 2016 में उरी हमले के बाद किेए गए सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो दुनिया के सामने आ गया है. वीडियो में भारतीय सेना की उस कार्रवाई को दिखाया गया है कि कैसे पीओके में 3 किमी घुसकर आतंकवादियों को ढेर किया गया था. 
 
क्या हुआ था उस रात
ठंडी घुप अंधेरी रात...दुश्मन के रडारों की पकड़ से दूर आसमान में तैयार 30 जाबांज भारतीय कमांडो...कलाश्निकोव, टेवर्स, रॉकेट प्रोपेल्ड गन्स, हथियारों से लैस...पैराशूट के जरिए दुर्लभ मिलिट्री ऑपरेश ….

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जानिए गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन से जुड़े ये फैक्ट्स

जानिए गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन से जुड़े ये फैक्ट्स

आज गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की  98वीं  पुण्यतिथि है. उनका निधन 26 अप्रैल 1920 को हुआ था. रामानुजन बेहद गरीब परिवार से थे. उनके पास अपने शौक पूरा करने के पैसे नहीं थे. मशहूर है कि रामानुजन गणित के एक सवाल को 100 से भी ज्यादा तरीकों से बना सकते थे. इसी खासियत ने उन्हें दुनिया में गणित के गुरु का दर्जा दिला दिया.
 
जानें उनसे जुड़ी खास बातें...
श्रीनिवास रामानुजन का बचपन अन्य बच्चों जैसा सामान्य नही था. उनका जन्म 22 दिसंबर 1887 में हुआ था. 3 साल की उम्र तक वो बोल नहीं पाए थे, जिसकी वजह से माता-पिता को चिंता हो ….

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पहले PM ही नहीं, गूगल में इन सवालों का भी मिल रहा गलत जवाब

पहले PM ही नहीं, गूगल में इन सवालों का भी मिल रहा गलत जवाब

किसी भी सवाल का जवाब चाहिए तो सबसे पहले गूगल पर सर्च करते हैं. लेकिन कई बार गूगल भी गलत जानकारी देता है. ऐसा ही कुछ हुआ जब 25 अप्रैल की रात जब लोगों ने 'Indias first pm' टाइप किया तो चौकानें वाला जवाब मिला.
 
दरअसल जब लोगों ने गूगल पर 'Indias first PM' टाइप करके सर्च किया तो उनके पेज पर सबसे पहले नाम तो पंडित जवाहर लाल नेहरू का आया लेकिन फोटो भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर आई. जब लोगों को इस बारे में पता चला तो ये मैसेज तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.  हालांकि अब इस गलती को सुधार लिया गया है. 'Indias firs ….

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मिलिए ओला की पहली ट्रांसजेंडर ड्राइवर से

मिलिए ओला की पहली ट्रांसजेंडर ड्राइवर से

आज भी हमारे समाज में ट्रांसजेंडर को लेकर गलत छवि लोगों के मन में पनपती है. ऐसे में मेघना उन लोगों लिए उदाहरण है.  मेघना साहू ओला कैब्स की पहली ट्रांसजेंडर ड्राइवर बन गई हैं.
 
कौन हैं मेघना
मेघना ओडिशा के भुवनेश्वर की रहने वाली हैं. उनकी उम्र 28 साल हैं. उन्होंने एचआर एंड मार्केटिंग से एमबीए किया है. एक ट्रांसजेंडर होने की वजह से उन्हें शुरू से ही भेदभाव का सामना करना पड़ा. जिस वजह से उन्हें नौकरी और शिक्षा प्राप्त करने में भी परेशानी आई.
 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओला कैब में ड ….

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ऐसे करें तैयारी, होली के जश्न का नहीं पड़ेगा परीक्षा पर असर

ऐसे करें तैयारी, होली के जश्न का नहीं पड़ेगा परीक्षा पर असर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली है और कई राज्य बोर्ड की परीक्षाएं चल रही है. साथ ही होली का त्यौहार भी आने वाला है, जिसे बच्चे काफी उल्लास से मनाते हैं. ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों को खास ध्यान देने की जरूरत है. परीक्षार्थी होली खेलें, लेकिन कई बातों का ध्यान रखें ताकि आपकी परीक्षा की तैयारी पर कोई असर ना पड़े. आइए जानते हैं होली मनाते वक्त छात्रों को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
 
पहले कर लें तैयारी- अगर आपकी परीक्षा चल रही है तो उस विषय की तैयारी पहले ही कर लें, जिसकी परीक्षा होली के बाद में ….

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मुगलकाल में कैसे मनाई जाती थी होली?

मुगलकाल में कैसे मनाई जाती थी होली?

होली को हिंदूओं का त्यौहार माना जाता है, लेकिन इस त्यौहार को हिंदू ही नहीं बल्कि हर धर्म के लोग धूमधाम से मनाते आ रहे हैं. मुगलकाल में भी मुगल शासक बड़ी उमंग के साथ होली मनाते थे. इतिहासकारों का कहना है कि होली का प्रचलन काफी पहले से है और इसका जिक्र भी कई जगह मिलता है. आइए जानते हैं पहले होली किस तरह मनाई जाती थी...
 
क्या है होली का इतिहास
होलिका दहन की कहानी के बारे में तो आपने सुना ही होगा और कई धार्मिक पुस्तकों में इसका वर्णन मिलता है. भारत में पूर्वी भारत में यह त्यौहार ज्यादा सेलिब्रेट करते हैं. जैमिनी के पूर्व ….

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अंग्रेजों ने भेजा था ये फरमान, विरोध में आज भी यहां नहीं मनाते होली

अंग्रेजों ने भेजा था ये फरमान, विरोध में आज भी यहां नहीं मनाते होली

रंगों के त्यौहार होली को पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है और देशभर में इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. लेकिन देश में कई ऐसी जगह भी जहां लोग कुछ ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर होली नहीं मनाते हैं. इन जगहों में से झांसी का नाम भी शामिल है, जहां कुछ लोग होली नहीं मनाते हैं. बताया जाता है कि होली के दिन ही झांसी में अंग्रेजों का फरमान पहुंचा था कि वो लक्ष्मीबाई के बेटे दामोदर राव को उनका उत्तराधिकारी नहीं मानते. इस फरमान से नाराज झांसी की रानी और वहां की जनता ने होली नहीं मनाई थी. उसके बाद से ये लोग होली नहीं मना रहे हैं.
 
वहीं ये लोग होली वाले ….

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खजाना लूट चंद्रशेखर आजाद ने दिया था अंग्रेजों को झटका!

खजाना लूट चंद्रशेखर आजाद ने दिया था अंग्रेजों को झटका!

क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने आज ही के दिन यानि 27 फरवरी 1931 को खुद को गोली मार ली थी. उन्होंने इलाहाबाद में ब्रिटिश पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तारी से बचने के लिए गोली मार ली थी. हालांकि उनकी मौत को लेकर कई बातें सामने आती रही हैं और उनकी मौत से भी पर्दा उठाया नहीं गया है. जानिए उनके जीवन से जुड़ी कई बातें...
 
- बताया जाता है कि चंद्रशेखर आजाद की निशानेबाजी बहुत अच्छी थी. दरअसल इसकी ट्रेनिंग उन्होंने बचपन में ही ले थी. भील बच्चों के साथ खेलते हुए चंद्रशेखर आजाद ने धनुष बाण खूब चलाए थे. जलियांवाला बाग नरसंहार के वक्त चंद्रश ….

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जानें, भारतीय सिनेमा के 'पितामह' दादा साहेब फाल्के के बारे में ये खास बातें

जानें, भारतीय सिनेमा के 'पितामह' दादा साहेब फाल्के के बारे में ये खास बातें

भारतीय सिनेमा के 'पितामह' का खिताब पाने वाले दादा साहेब फाल्के उर्फ 'धुंदीराज' फाल्के ने सिनेमा की दुनिया में उस वक्त कदम रखा, जब सिनेमा का कोई अस्तित्व नहीं था. दादासाहेब ने ही फिल्मों को नई पहचान दी. वहीं आज हर कलाकार का एक ही सपना है कि उसकी कला को एक दिन दादा साहेब फाल्के अवार्ड से नवाजा जाए. भारतीय फिल्म जगत के सबसे मजबूत स्तम्भ दादासाहेब फाल्के का निधन 16 फरवरी 1944 को हुआ था.
 
जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातेें
दादा साहेब फाल्के का जन्म 30 अप्रैल 1870 को हुआ था. बचपन से ही उनमें कला के प्रति रु ….

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जानें, महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब से जुड़ी बातें...

जानें, महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब से जुड़ी बातें...

उर्दू के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की पुण्यतिथि है. मिर्ज़ा ग़ालिब का पूरा नाम मिर्जा असल-उल्लाह बेग खां था. उनका जन्म 27 दिसंबर 1797 को मुगल शासक बहादुर शाह के शासनकाल के दौरान आगरा के एक सैन्य परिवार में हुआ था और वो 15 फरवरी 1869 को दुनिया रुखसत हो गए थे. उन्होंने फारसी, उर्दू और अरबी भाषा की पढ़ाई की थी. उनकी कई ग़ज़ल और शेर लोगों को याद हैं, जिसमें 'ये इश्क़ नहीं आसां, बस इतना समझ लीजिए/इक आग का दरिया है और डूबकर जाना है' जैसे कई शेर शामिल है.
 
उनके दादा मिर्ज़ा क़ोबान बेग खान अहमद शाह के शासन काल में समरकंद से भारत आए थे. उन्होने दिल्ली ….

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स्वतंत्रता का अधिकार – अनुच्छेद 19 से 22

स्वतंत्रता का अधिकार – अनुच्छेद 19 से 22

भारतीय संविधान का उद्देश्य विचार-अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वाधीनता सुनिश्चित करना है. इसलिए संविधान के अनुच्छेद 19 से लेकर 22 तक स्वतंत्रता के अधिकार (Right to Freedom)का उल्लेख किया गया है. इस सम्बन्ध में अनुच्छेद 19 सबसे अधिक जरुरी है. मूल संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा नागरिकों को 7 स्वतंत्रताएँ प्रदान की गई थीं और इनमें छठी स्वतंत्रता “सम्पत्ति की स्वतंत्रता” थी. 44वें संवैधानिक संशोधन द्वारा संपत्ति के मौलिक अधिकार के साथ-साथ “संपत्ति की स्वतंत्रता” भी समाप्त कर दी गई है और अब नागरिकों को 6 स्वतंत्रताएँ ही प्राप्त हैं :-
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तमिल भाषा और संगम साहित्य

तमिल भाषा और संगम साहित्य

दक्षिण भारत की सर्वाधिक प्राचीन भाषा संभवतः तमिल थी. विद्वानों की राय है कि संभवतः स्थानीय भाषाओं के रूप में यहाँ तेलगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाएँ भी प्रयोग में आती रहीं. वैदिक संस्कृति से सम्पर्क के बाद यहाँ संस्कृत भाषा के अनेक शब्द अपनाए गए और ई.पू. तीसरी शताब्दी में 44 वर्णों पर आधारित एक लिपि का विकास किया गया. संगमकालीन साहित्य इसी लिपि में लिखा गया. पुरातत्वविदों को 75 से भी ज्यादा ब्राह्मी लिपि (जो बायीं ओर से दायीं ओर लिखी जाती है) में लिखे अभिलेख मदुरा और उसके आस-पास की गुफाओं में प्राप्त हुए हैं. इनमें तमिल के साथ-साथ प्राकृत भाषा के भी कुछ शब्दों का प्रयोग किया गया है. सुदूर ….

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30 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

30 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 30 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1530: मेवाड़ के राणा संग्राम सिंह का निधन.
 
1948: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई.
 
1965: ब्रिटेन के लोगों ने विंस्टन चर्चिल को अंतिम विदाई दी.
 
1991: इराकी सेना ने सउदी अरब की सीमा के नजदीक एक शहर पर कब्जा कर लिया. इस हमले में 12 अमेरिकी सैनिक मारे गए.
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शोषण के विरुद्ध अधिकार

शोषण के विरुद्ध अधिकार

भारत में सदियों से किसी-न-किसी रूप में दासता की प्रथा विद्यमान रही है, जिसके अंतर्गत हरिजनों, खेतिहर श्रमिकों और स्त्रियों पर अत्याचार किए जाते रहे हैं. संविधान के अनुच्छेद 23 और अनुच्छेद 24 द्वारा सभी नागरिकों को शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right Against Exploitation Explained in Hindi) प्रदान किया गया है. मौलिक अधिकारों में से एक शोषण के विरुद्ध अधिकार में निम्नलिखित व्यवस्थाएँ की गई हैं :-
 
मनुष्य के क्रय-विक्रय और बेगार पर रोग
बाल श्रम अर्थात् बच्चों को कारखानों, खानों, आदि में नौकर रखने का निषेध
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समुद्रगुप्त और उसकी विजयें –

समुद्रगुप्त और उसकी विजयें –

समुद्रगुप्त महाराजा चन्द्रगुप्त का पुत्र और उत्तराधिकारी था. हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग स्तम्भ प्रशस्ति की चौथी पंक्ति में चन्द्रगुप्त प्रथम द्वारा Samudragupta को भरी सभा में राज्य प्रदान करने का वर्णन दिया हुआ है. विद्वानों की राय है कि संभवतः चन्द्रगुप्त प्रथम ने समुद्रगुप्त की योग्यता को ध्याम में रखकर और अपने पुत्रों में गृह-युद्ध को रोकने के लिए ऐसा किया होगा. सिंहासन प्राप्ति के बाद उसने विजय प्राप्ति का कार्यक्रम शुरू किया. वह एक कुशल योद्धा था. इतिहासकार वी.ए. स्मिथ ने उसे भारत का नेपोलियन (Napoleon of India) कहा है.
 
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'बंगाल गजट से हुर्इ थी भारत में मुदि्रत पत्रकारिता की शुरुआत

'बंगाल गजट से हुर्इ थी भारत में मुदि्रत पत्रकारिता की शुरुआत

 
 
पत्रकारिता किसी-न-किसी रूप में मानव सभ्यता के शुरूआत से ही रही है। उस दौर की पत्रकारिता आज की पत्रकारिता से बिल्कुल भिन्न थी। चाहे अशोक के समय में पत्थरों की शिलाओं पर लिखे हुए लेख हों या मुगल काल में खबरनवीस या वाकयानवीस, इन सबको पत्रकारिता का ही प्रारंभिक रूप माना जाता है। ये शिलालेख या वाकयानवीस शासन की बात को जनता तक और जनता की बातों को शासन तक पहुंचाने के प्रमुख माध्यम थे। बात प्रिंट पत्रकारिता की करें तो देश में पहली बार पत्रकारिता के लिए प्रेस का इस्तेमाल 29 जनवरी, 1780 को किया गया।
 
र्इस्ट इंडिया क ….

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29 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

29 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

इतिहास के पन्‍नों में 29 जनवरी के दिन दर्ज हैं ये प्रमुख घटनाएं.
 
1780: भारत का पहला अंग्रेजी अखबार बंगाल गजट पहली बार प्रकाशित हुआ था.
 
1996: फ्रांस के राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने घोषणा की थी की फ़्रांस अब और परमाणु हथियारों का परीक्षण नहीं करेगा.
 
2002: अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में ईरान, ईराक़, उत्तरी कोरिया को दुनिया में दुष्टता की धुरी क़रार दिया. अपने पूरे कार्यकाल के दौरान बुश ने इसका इस्तेमाल कई बार किया.
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वित्त आयोग

वित्त आयोग

वित्त आयोग (Finance Commission) को 22 नवम्बर, 1951 में संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा पहली बार संविधान लागू होने के दो वर्ष के भीतर गठित किया गया. इस आयोग के प्रथम अध्यक्ष के.सी. नियोगी थे. प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर या उससे पहले ऐसे समय, जिसे राष्ट्रपति आवश्यक समझे, एक वित्त आयोग को गठित करता है. राष्ट्रपति द्वारा गठित इस आयोग में एक अध्यक्ष (chairman) और चार अन्य सदस्य (members) होते हैं.
 
अध्यक्ष और अन्य सदस्य की योग्यता
1. इसका अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति चुना जाता है जो सार्वजनिक कार्यों में व ….

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गुप्त साम्राज्य के प्रमुख शासक

गुप्त साम्राज्य के प्रमुख शासक

चौथी शताब्दी में उत्तर भारत में एक नए राजवंश का उदय हुआ. इस वंश का नाम गुप्तवंश था. इस वंश ने लगभग 300 वर्ष तक शासन किया. इस वंश के शासनकाल में अनेक क्षेत्रों का विकास हुआ. इस वंश के संस्थापक श्रीगुप्त थे. गुप्त वंशावली में श्रीगुप्त, घटोत्कच, चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, रामगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, स्कन्दगुप्त जैसे शासक हुए. इस वंश में तीन प्रमुख शासक थे – चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त और चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य). चलिए जानते हैं Gupta Empire/Period के विषय में –
 
प्रशस्ति और चरित
गुप्तकाल ….

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28 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

28 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 28 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
1819: सर स्टैमफोर्ड रैफल्स ने सिंगापुर की खोज की.
 
1835: पश्चिम बंगाल में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज शुरु हुआ. 
 
1928: देश के प्रमुख फिजिस्‍ट राजा रामन्‍ना का जन्‍म हुआ था.
 
1930: मेवाती घराने से ताल्‍लुक रखने वाले शास्‍त्रीय गायक पंडित जसराज का जन्‍म हुआ था. 
 
1990: रोमानिया में सत्ता परिवर्तन की मांग को ल ….

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भारतीय नागरिकता और संविधान में संशोधन

भारतीय नागरिकता और संविधान में संशोधन

नागरिकता मनुष्य की उस स्थिति का नाम है, जिसमें मनुष्य को नागरिक का स्तर प्राप्त होता है और नागरिक केवल ऐसे ही व्यक्तियों को कहा जा सकता है जिन्हें राज्य की ओर से सभी राजनीतिक और नागरिक अधिकार पदान किए गए हों, और जो उस राज्य के प्रति विशेष भक्ति रखते हों. नागरिक के उपर्युक्त लक्ष्ण को दृष्टि में रहते हुए ही हमारे संविधान में नागरिकता सम्बन्धी कुछ बातों का उल्लेख किया गया है. चलिए जानते हैं कि भारतीय नागरिकता को लेकर अब तक संविधान में कितने संशोधन (indian citizenship amendment list) हुए हैं और एक भारतीय नागरिक होने की क्या अर्हता (eligibility) है?
 

अशोक के शासनकाल का घटनाक्रम

अशोक के शासनकाल का घटनाक्रम

इस पोस्ट के जरिये अशोक के राज्यारोहण से लेकर उसके शासनकाल के वर्षों के घटनाओं का उल्लेख करने का प्रयास किया गया है. साथ में अशोक के शिलालेखों का सन्दर्भ भी दिया गया है.
 
Timeline of Ashoka’s Regime
1. अशोक का राज्यारोहण पिता बिंदुसार के निधन के उपरान्त मगध के सिंहासन पर 268 ई.पू. में हुआ.
2. अशोक के शासन के 8वें वर्ष में (दीर्घ शिलालेख -XIII) कलिंग विजय के बाद अशोक ने क्षोभ व्यक्त किया. युद्ध का अंत कर धम्म के मार्ग पर चलने की घोषणा की.
3. नवम वर्ष में बौ ….

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27 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

27 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 27 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, इनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1880: थॉमस अल्वा एडीसन ने बिजली से चलने वाले बल्ब का पेटेंट कराया.
 
1926: स्कॉटिश वैज्ञानिक जॉन लोगी बेयर्ड ने टेलीविजन को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया. इसे उस समय टेलीवाइजर का नाम दिया गया था.
 
1823: अमेरिका के राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने दक्षिण अमेरिका के लिये पहला राजदूत नियुक्त किया.
 
1967: अपोलो 1 दुर्घटना में तीन अंतरिक्षयात्रियों की मौत हो गई ….

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दल-बदल पर कानूनी रोक

दल-बदल पर कानूनी रोक

राजनीतिक दल-बदल लम्बे समय से भारतीय राजनीति का एक रोग बना हुआ था और 1967 से ही राजनीतिक दल-बदल पर कानूनी रोक (anti-defection law) लगाने की बात उठाई जा रही थी. अन्ततोगत्वा आठवीं लोकसभा के चुनावों के बाद 1985 में संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से 52nd Amendment विधेयक पारित कर राजनीतिक दल-बदल पर कानूनी रोक लगा दी. इसे संविधान की दसवीं अनुसूची (10th Schedule) में डाला गया. मोटे तौर पर 52वें संविधान संशोधन के इस विधयेक में निम्न प्रावधान किये गए हैं:-
 
 
निम्न परिस्थितियों में संसद या विधानसभा क ….

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अशोक के समय का सामाजिक जीवन और कला का स्थान

अशोक के समय का सामाजिक जीवन और कला का स्थान

अशोक के शासन-काल में भारत की सामाजिक स्थिति में बहुत परिवर्तन दिखे. ब्राह्मण, श्रवण, आजीवक आदि अनेक सम्प्रदाय थे परन्तु राज्य की ओर से सबके साथ निष्पक्षता का व्यवहार किया जाता था और सभी को इस बात की हिदायत दी जाती थी  कि धर्म के मामलों में सहिष्णु होना सीखें, सत्य का आदर करें आदि. कई साधु भी देश और समाज की भलाई कैसे हो, इसमें अपनी पूरी ऊर्जा झोकते थे. कभी-कभी ऐसा देखने को भी मिलता था कि स्वयं राजकुमार और राजकुमारियाँ दूर देश जा कर धर्म का प्रचार कर रहे हैं. लोगों का धार्मिक दृष्टिकोण उदार था और कभी-कभी विदेशियों को भी शिक्षा-दीक्षा दे कर हिन्दू बना दिया जाता था जिन्हें लोग सहर्ष ….

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जानें- जन गण मन कैसे बना भारत का राष्ट्रगान

जानें- जन गण मन कैसे बना भारत का राष्ट्रगान

जन-गण-मन को आज के ही दिन 24 जनवरी 1950 भारत के राष्ट्रगान का दर्जा दिया गया था. वहीं हम भारत के निवासी अपना राष्ट्रगान जन गण मन तब से गाते आ रहे हैं जब हम स्कूल में हुआ करते थे, लेकिन क्या हम सब इसके बारे में इससे ज्यादा कुछ और जानते हैं कि इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था?
 
 जानें- राष्ट्रगान से जुड़ी कुछ खास बातें...
 
- 27 दिसंबर 1911 को पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कोलकाता (तब कलकत्ता) सभा में गाया गया था, उस समय बंगाल के बाहर के लोग इसे नहीं जानते थे. संविधान सभा ने जन गण मन को भा ….

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आपातकाल : संवैधानिक प्रावधान, परिस्थितियाँ एवं प्रभाव

आपातकाल : संवैधानिक प्रावधान, परिस्थितियाँ एवं प्रभाव

जर्मनी के संविधान के राष्ट्रपति की तरह भारत के राष्ट्रपति (राष्ट्रपति <<के बारे में पढ़ें) को भी संकटकाल/आपातकाल (emergency) में उत्पन्न कठिनाइयों का समाधान करने के लिए अत्यंत ही विस्तृत और निरंकुश अधिकार दिए गए हैं. जब राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा करेगा तब उसके हाथों में ऐसे बहुत-से अधिकार आ जायेंगे जो उसे साधारण स्थिति में प्राप्त नहीं हैं.
 
आपातकाल तीन स्थितयों में घोषित किया जाता है-  Declaration of Emergency
a) युद्ध या युद्ध की संभावना अथवा सशस्त्र विद्रोह से उत्पन्न संकट Read More

विदेशी यात्री

विदेशी यात्री

आज हम भारत के प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक काल में विदेशों से आये यात्रियों की list आपको बताने वाले हैं. ये विदेशी यात्री (foreign travellers) भारतीय इतिहास में बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं. इनमें से कई यात्रियों की किताबें (books) भारत के अमूल्य इतिहास को ताजा करती हैं. उनकी किताबों से हमें पता चलता है कि उस समय भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या थी. चलिए जानते हैं भारत में उन विदेशी यात्रियों (foreign travellers who came in India) के विषय में.
 
मैगस्थनीज
मौर्यकालीन इतिहास (Mauryan History) जानने का सबसे मह ….

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21 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

21 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 21 जनवरी कई कारणों से प्रमुख है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
1924: रैक्जे मैक्डोनाल्ड के नेतृत्व में पहली बार ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार बनी.
 
1981: तेहरान में अमेरिकी दूतावास में बंधक बनाए गए सभी लोगों को छुड़ा लिया गया.
 
1950: अंग्रेजी के मशहूर लेखक जॉर्ज ऑरवेल का निधन हो गया.
 
1996: इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास यात्रियों से भरी नाव डूब गई. इस दुर्घटना में कुल 340 लोग मारे गए.
 
2008: भा ….

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25 कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी part -2

25 कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी part -2

प्रश्न 26. चार चीजें इंटरनेट से कनेक्ट करने की जरूरत क्या हैं?
उत्तर: – टेलीफोन लाइन, मॉडम, कंप्यूटर, और एक आईएसपी।
 
प्रश्न 27. एक समय साझा प्रणाली के भीतर डेटा के इंटरैक्टिव संचरण सबसे अच्छा करने के लिए उपयुक्त हो सकता है?
उत्तर: – आधा द्वैध लाइन्स।
 
प्रश्न 28. जो मॉडुलन और demodulation करता है?
उत्तर: – मोडेम MODEM
 
प्रश्न 29. कितने पता लाइनों 2048 x 4 मेमोरी चिप में प्रत्येक स्मृति स्थानों को संबोधित करने की जरूरत ….

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पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल के विषय में स्मरणीय तथ्य

पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल के विषय में स्मरणीय तथ्य

आज हम आपको पुरापाषाण (Paleolithic Age), मध्यपाषाण (Mesolithic Age) और नवपाषाण (Neolithic Age) काल के विषय में Hindi में बताने जा रहे हैं. पुरातत्त्वविदों ने पाषाण युग को इन तीन भागों में बाँटा है. यह बहुत ही interesting topic है जिसे हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं. पर exam point of view से आज हम इन ages के बारे में चर्चा करेंगे और उन स्मरणीय तथ्यों को आपके सामने रखेंगे जो exam में प्रायः पूछ लिए जाते हैं.
 
भारतीय विद्वान् अनुमानतः कहते हैं कि लगभग 5 लाख वर्ष ई.पू. के आसपास यह देश मानव का निवास स्थान बना. चूँकि इस युग के लोग अपनी सभी आवश्यकताओं को केवल पा ….

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मंत्रिपरिषद का संगठन, नियुक्ति, प्रकार और योग्यता

मंत्रिपरिषद का संगठन, नियुक्ति, प्रकार और योग्यता

भारतीय संविधान में मंत्रिपरिषद से सम्बंधित दो अनुच्छेद अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं. अनुच्छेद 47 में लिखा है कि राष्ट्रपति को उसके कार्यों में सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद के परामर्श के विषय में कोई भी न्यायिक कार्यवाही नहीं हो सकेगी. अनुच्छेद 74 के शब्द इस प्रकार हैं – ” राष्ट्रपति को अपने कार्यों को पूरा करने के लिए सहायता और परामर्श देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख मुख्यमंत्री होगा. मंत्रियों ने राष्ट्रपति को क्या कोई परामर्श दिया और यदि दिया तो क्या, इस प्रश्न पर न्यायालय में कोई जाँच नहीं की जा सकेगी.” संविधान की धारा 75 ….

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20 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

20 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुई, जानें उनके बारे में:
 
1930: आज के दिन चांद पर बज एल्ड्रिन ने कदम रखा था. वे चांद पर जाने वाले दूसरे इंसान थे.
 
1958: अंटार्कटिक को पार करने के मिशन के साथ में आज ही के दिन खोजी दल साउथ पोल पर मिला था. यह अंटार्कटिक को सतह से पार करने का पहला प्रयास था.
 
1961: जॉन एफ़ केनेडी अमरीका के राष्ट्रपति बने थे. वे अमरीका के तब तक से सबसे कम उम्र के निर्वाचित राष्ट्रपति थे.
 
1988: पश्‍तून की आजादी के सबसे बड़े कार ….

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राज्यसभा का गठन, चुनाव प्रक्रिया और कार्य

राज्यसभा का गठन, चुनाव प्रक्रिया और कार्य

भारत में संघीय संसद की व्यवस्था (Federal Parliament System) की गई है. संसद के दो सदन हैं – लोक सभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha). राज्यसभा संसद का उच्च और द्वितीय सदन है. भारत में संघात्मक शासन की व्यवस्था है, अतः संघों की इकाइयों के प्रतिनिधित्व के लिए संसद में एक सदन का होना आवश्यक है. इसी कारण, भारत में द्विसदनात्मक प्रणाली अपनाई गई है. जैसा कि राज्यसभा के नाम से ही स्पष्ट है कि यह संघ के राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है और इसके सदस्य विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि होते हैं. यह एक स्थाई सदन है और कभी भंग नहीं होता, किन्तु इसके 1/3 सदस्य प्रति दो वर्ष के बाद स्थान खाली कर ….

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18 पुराण का संक्षिप्त विवरण

18 पुराण का संक्षिप्त विवरण

प्राचीन संस्कृत-साहित्य में पुराण-साहित्य बहुत विशाल और गौरवमय है. वेदों के बाद पुराणों की ही मान्यता है. पुराणों को एक प्रकार से भारतीय सभ्यता, संस्कृति, राजनीति, भूगोल, इतिहास आदि का विश्वकोष कहा जा सकता है. चलिए जानते हैं पुराणों के बारे में. पुराणों के कितने भाग थे और उनकी संख्या कितनी थी. पुराण के 18 भागों की संक्षिप्त चर्चा भी हम करेंगे. उपपुराण क्या है, 
 
रचनाकाल
पुराणों की रचना काल विवादास्पद है. यद्यपि इनकी रचना छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व से ही आरम्भ हो गई थी, तथापि गुप्त-युग में परिवर्धित और सम्बंधित होकर ….

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पुण्यतिथि: जानिए देवेंद्रनाथ टैगोर को क्यों कहते हैं महर्षि

पुण्यतिथि: जानिए देवेंद्रनाथ टैगोर को क्यों कहते हैं महर्षि

भारतीय संस्कृति और बंगला साहित्य के विद्वान के रूप में प्रसिद्ध देवेंद्रनाथ टैगोर की आज पुण्यतिथि है. अपनी दानशीलता के कारण उन्हें 'प्रिंस' की उपाधि प्राप्त थी. उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
 
देवेंद्रनाथ टैगोर का जन्म 15 मई 1817 में हुआ था. वह रबींद्रनाथ टैगोर के पिता थे. बता दें, बंगाल में टैगोर परिवार का तीन सौ साल पुराना इतिहास है. कलकत्ता के इस श्रेष्ठ परिवार ने बंगाल पुनर्जागरण में एक अहम भूमिका निभाई है. इस परिवार ने ऐसे महात्माओं को जन्म दिया जिन्होंने सामाजिक, धार्मिक और साहित्यिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दि ….

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19 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

19 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1597: मुगलों को नाकों चने चबवाने वाले मेवाड़ के शेर महाराणा प्रताप का निधन हुआ था.
 
1905: ब्रह्मसमाज की स्‍थापना और शांतिनिकेतन की नींव डालने वाले देबेंद्रनाथ बाबू का जन्‍म हुआ था.
 
1966: आज ही के दिन कांग्रेस पार्टी ने भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए इंदिरा गांधी को अपना नेता चुना था. इंदिरा गांधी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की इकलौती बेटी थी.
 
19 ….

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25 कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

25 कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

प्रश्न 1. एक व्यक्ति जो अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करता अन्य लोगों के कंप्यूटर तक पहुंच हासिल करने के बारे में जानकारी पाने के लिए अवैध रूप से या पैदा करने के लिए क्षति के एक है?
उत्तर: – हैकर।
 
प्रश्न 2. सीपीयू में नियंत्रण इकाई के कार्य क्या है?
उत्तर: – कार्यक्रम अनुदेश डिकोड करने के लिए।
 
3. सवाल आम तौर पर, तारीख फार्म में दर्ज किया जाता है?
उत्तर: – MM-DD-YY।
 
प्रश्न 4. बहाल आदेश करने के लिए प्रयोग किया जाता है? Read More

प्राचीन भारत के ग्रन्थ और उनके लेखक

प्राचीन भारत के ग्रन्थ और उनके लेखक

आज हम आपके सामने प्राचीन भारत (Ancient India) में रचित संस्कृत, पाली, प्राकृत व अन्य भाषाओं के ग्रन्थ और उनके लेखकों (writers) के नाम बताने वाले हैं. अक्सर परीक्षा में MCQ के रूप में या match the following के रूप में books और writers (written by) से सम्बंधित सवाल आते हैं.
 
महत्वपूर्ण पुस्तकों और लेखकों की सूची 
 
अष्टाध्यायी – पाणिनि
रामायण – वाल्मीकि
महाभारत – वेदव्यास
अष्टसाहस्त्रिक सूत्र, प्रज्ञापारमि ….

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विधानसभा का संगठन और कार्य

विधानसभा का संगठन और कार्य

भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक विधानमंडल (Legislature) का प्रावधान किया गया है. किसी राज्य में एक सदन और किसी में दो का प्रावधान है. 2017 तक केवल सात राज्यों में विधान मंडल और विधान परिषद् दोनों का प्रावधान है, वे राज्य हैं – > आंध्र प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और जम्मू और कश्मीर में दो सदनों का प्रावधान है. शेष राज्यों में एक ही सदन है. दो सदन वाले विधानमंडल का उच्च सदन विधान परिषद् (Legislative Council) और निम्न सदन विधानसभा (Legislative Assembly) कहलाता है. जैसे केंद्र में लोकसभा का महत्त्व राज्यसभा से अधिक है, वैसे ही प्रांत ….

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18 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

18 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

- 1955 में आज ही के दिन उर्दू के मशहूर लेखक और कवि सदात हसन मंटो ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.
 
- 18 जनवरी 1886 में हॉकी एसोसिएशन का गठन इंग्‍लैंड में हुआ था. आज का दिन मॉडर्न हॉकी के जन्‍मदिन के रूप में देखा जाता है.
 
- 62 साल के कारोबार के बाद 1991 में आज ही के दिन ईस्‍टर्न एयरलाइन को आर्थिक कारणों से बंद कर दिया गया था.
 
- साल 1995 में आज ही के दिन याहू डॉट कॉम का डोमेन बनाया गया था.
 
- 18 जनवरी 1996 में आंध्र प्रदेश के मुख ….

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आर्यों की जन्मभूमि और उनका प्रसार

आर्यों की जन्मभूमि और उनका प्रसार

आर्यों  (Aryans) की जन्मभूमि कहाँ पर थी, इस विषय में इतिहास के विद्वानों में बड़ा मतभेद है. आर्य (Aryans) कहाँ से आये, वे कौन थे इसका पता ठीक से अभी तक चल नहीं पाया है. कुछ विद्वानों का मत है कि वे डैन्यूब नदी के पास ऑस्ट्रिया-हंगरी के विस्तृत मैदानों में रहते थे. कुछ लोगों का विचार है कि उनका आदिम निवास-स्थान दक्षिण रूस में था. बहुत-से विद्वान ये मत रखते थे कि आर्य (Aryans) मध्य एशिया के मैदानी भागों में रहते थे. फिर वहां से वे फैले. और कुछ लोगों का यह मानना है कि आर्य (Aryans) लोग भारत के आदिम निवासी थे और यही से वे संसार के अन्य भागों में फैले.
 

संविधान के मूल ढाँचे या आधारभूत सिद्धांतों की धारणा

संविधान के मूल ढाँचे या आधारभूत सिद्धांतों की धारणा

संविधान के मूल ढाँचे की धारणा का आशय यह है कि संविधान की कुछ व्यवस्थायें अन्य व्यवस्थाओं की तुलना में अधिक महत्त्वपूर्ण हैं, वे संविधान के मूल ढाँचे के समान हैं और समस्त संवैधानिक व्यवस्था उन पर आधारित है. आइये जानते हैं – Concept of the basic structure or the basic principles of the Constitution in Hindi.
 
केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य
सर्वप्रथम इस धारणा का प्रतिपादन सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 24 अप्रैल, 1973 को मौलिक अधिकारों से सम्बंधित एक विवाद केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य  पर निर्णय देते हुए किया ….

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17 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

 17 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 17 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
1595: फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ ने स्पेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की.
 
1946: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई.
 
1991: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस की सेना के इराक पर हमला करते ही खाड़ी युद्ध शुरू हो गया था.
 
1995: जापान के कोबे शहर में आए भूकंप के कारण सैकड़ों लोग मारे गए.
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जैन धर्म का इतिहास, नियम और सिद्धांत

जैन धर्म का इतिहास, नियम और सिद्धांत

जैन धर्म और बौद्ध धर्म  में बड़ी समानता है. किन्तु अब यह साबित हो चुका है कि बौद्ध धर्म की तुलना में जैन धर्म अधिक प्राचीन है. जैनों का मानना है कि हमारे 24 तीर्थंकर हो चुके हैं जिनके द्वारा जैन धर्म की उत्पत्ति और विकास हुआ. क्या आपको पता है कि जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर का नाम क्या है? यदि आप परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर रहे हो तो आपको इसका जवाब मालूम होगा. उनका नाम है – पार्श्वनाथ. उनका जन्म ईसा के पूर्व 8वीं शताब्दी में हुआ. पार्श्वनाथ एक क्षत्रिय थे. उनके मुख्य सिद्धांत थे – सदैव सच बोलना, अहिंसा, चोरी न करना और धन का त्याग कर देना.
 
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भारतीय संविधान के स्रोत

भारतीय संविधान के स्रोत

जब भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly) ने संविधान को बनाने की प्रक्रिया प्रारम्भ की तो संविधान निर्माताओं ने सोचा कि जिन देशों में संविधान पहले से लिखे जा चुके हैं, क्यों न उन संविधानों के उपबंधों (appropriate provisions) का प्रयोग भारतीय संविधान के लिए किया जाए? फिर क्या था? संविधान निर्माताओं ने अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के संविधानों का गहन अध्ययन करना शुरू किया. भारतीय परिस्थियों के अनुकूल जो भी प्रावधान उन्हें उपयुक्त लगे, उन्हें भारतीय संविधान में शामिल कर लिया. कुछ राष्ट्रवादियों का कहना था कि इस तरह का copy and paste संविधान हमारे गुलामी की प्रवृत्ति को दर्शाता है ….

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16 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

16 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

 
देश और दुनिया के इतिहास में 16 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1581: ब्रिटेन में संसद ने रोमन कैथेलिक ईसाइयों के खिलाफ कानून पारित किया.
 
1681: महाराष्ट्र के रायगढ़ किले में क्षत्रपति शिवाजी के पुत्र संभाजी का भव्य राज्याभिषेक हुआ
 
1761: अंग्रेजों ने पांडिचेरी को फ्रांस के कब्जे से छीन लिया था.
 
1769: कलकत्ता (अब कोलकाता) के अकरा में पहली बार सुनियोजित घुड़दौड़ का आयोजन किया गया.
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लोक सेवा आयोग

लोक सेवा आयोग

देश की शासन-पद्धति किसी भी प्रकार की हो, चाहे वह संसदात्मक हो या अध्यक्षात्मक…सही मायने में शासन का जो असली काम होता है…जो वास्तविक काम होता है….उसे कर्मचारी-वर्ग द्वारा ही किया जाता है जो कि स्थाई रूप से सरकारी सेवा में रहते हैं…आप भी कभी ऑफिसर बनोगे तो सब काम आप ही करोगे.  हम जानते हैं कि संसद कानून बनाने का काम करती है, कार्यपालिका नीति का निर्धारण का कार्य करती है, परन्तु कानूनों और राजकीय नीति को क्रियात्मक रूप देना कर्मचारी-वर्ग का ही काम है. देश का शासन सुचारू रूप से तभी चल सकता है जब हमारे कर्मचारी वर्ग योग्य, निष्पक्ष और ईमानदार हों. यही कारण ….

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वेदों के विषय में संक्षिप्त विवरण

वेदों के विषय में संक्षिप्त विवरण

वेद सनातन धर्म के प्राचीनतम ग्रन्थ हैं. यहीं नहीं, ये विश्व के सबसे पुरानी कृतियाँ हैं. इन्हें संसार का आदिग्रंथ कहा जा सकता है. इससे पहले कि हम आगे बढ़ें, मैं आपको बताना चाहूँगा कि वेद शब्द का अर्थ “ज्ञान” होता है. मूलतः वेद एक ही था. कालांतर में व्यास के द्वारा चार भागों में बाँटा गया. ये भाग अर्थात् संहिताएँ हैं –  ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद (Rigveda, Samveda, Yajurveda and Atharvaveda – four vedas). इनके प्रधान विषय क्रमशः प्राथना-मन्त्र, ऋचा-गायन, यज्ञ-मन्त्र और औषधीय ज्ञान हैं. वेदों का काल निश्चित नहीं है. इन्हें अपौरुषेय बताया गया है अर्था ….

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भारतीय संविधान का इतिहास

भारतीय संविधान का इतिहास

भारतीय संविधान का इतिहास (History of Constitution/Samvidhan of India) जानने से पहले मैं संविधान क्या है और आखिर इसकी उपयोगिता क्या है, इसका जिक्र करना चाहूँगा.
 
भारतीय संविधान (samvidhan) प्रशासनिक प्रावधानों का एक दस्तावेज है 
इस दस्तावेज में लिखा हर एक शब्द हमारी सरकार की मूल सरंचना को निर्धारित करता है. प्रत्येक सरकार संविधान के अनुसार काम करती है…सरकार के अधिकार, गतिविधि, उसकी कार्यशैली, उसकी बनावट, सरकार को क्या करना है, क्या नहीं करना है….सब संविधान में परिभाषित है.
 
संक्षेप ….

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गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

गौतम बुद्ध : बौद्ध धर्म के विषय में संक्षिप्त जानकारी

गौतम बुद्ध का जन्म
बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे. गौतम बुद्ध का जन्म 567 ई.पू. (born, according to Wikipedia) कपिलवस्तु के लुम्बनी नामक स्थान पर हुआ था. इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था. गौतम बुद्ध का विवाह 16 वर्ष की अवस्था में यशोधरा के साथ हुआ. इनके पुत्र का नाम राहुल था.
 
गृह-त्याग और शिक्षा ग्रहण
सिद्धार्थ ने 29 वर्ष की अवस्था में गृह-त्याग किया, जिसे बौद्धधर्म में “महाभिनिष्क्रमण” कहा गया है. गृह-त्याग करने के बाद सिद्धार्थ (बुद्ध) ने वैशाली के आलारकलाम से सांख्य ध ….

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15 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

15 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में 15 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये घटनाएं प्रमुख हैं....
1784: एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना.
 
1934: भारत और नेपाल में 8.7 तीव्रता वाला भूकंप आया. इस भूकंप में करीब 11,000 जानें गईं.
 
1975: पुर्तगाल ने अंगोला की आजादी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए.
 
1988: भारत के पूर्व गेंदबाज नरेंद्र हिरवानी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पदार्पण टेस्ट मैच में ही 16 विकेट निकाले.
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मौलिक अधिकार

मौलिक अधिकार

भारतीय संविधान के तृतीय भाग में नागरिकों के मौलिक अधिकारों (fundamental rights) की विस्तृत व्याख्या की गयी है. यह अमेरिका के संविधान से ली गयी है. मौलिक अधिकार व्यक्ति के नैतिक, भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है. जिस प्रकार जीवन जीने के लिए जल आवश्यक है, उसी प्रकार व्यक्तित्व के विकास के लिए मौलिक अधिकार. मौलिक अधिकारों (fundamental rights) को 6 भागों में विभाजित किया गया है –
 
मौलिक अधिकार के प्रकार (Types of Fundamental Rights)
1. समानता का अधिकार
 
2. स्वतंत ….

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14 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

14 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1741: मराठाओं और अफगानों के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध शुरू हुआ था.
 
1742: दुनिया का हेली कॉमेट से परिचय कराने वाले एडमंड हेली ने में आज ही के दिन आखिरी सांसें ली थीं. एडमंड हेली इंग्लैंड के सबसे प्रसिद्ध खगोलविदों में जाने जाते हैं.
 
1964: टेस्‍ट गेंदबाज रमेशचंद्र गंगाराम नाडकर्णी ने आज के दिन लगातार 21 मेडन ओवर फेंकने का रिकॉर्ड बनाया था.
 
1977: फॉर्मूलावन रेस मे ….

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भारत के ऐतिहासिक स्थल

भारत के ऐतिहासिक स्थल

सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) में मेंस और प्री दोनों में भारत के ऐतिहासिक स्थल (Historical Places of India) के सवाल जरुर पूछे जाते हैं. मेंस में कई स्थलों के नाम एक साथ दे दिए जाते हैं और हर सवाल 1 नम्बर के होता है. Prelims में भी ऐतिहासिक स्थलों के नाम दे दिए जाते हैं और उनके locations पूछे जाते हैं. इसलिए आज मैं कुछ महत्त्वपूर्ण Indian historical places को आपके सामने रख रहा हूँ जो आगामी परीक्षा में भी आपके प्रश्न पत्र में दिख सकते हैं.
 
1. मोहनजोदड़ो (Mohenjo-daro)
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13 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

13 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1910: पहली बार रेडियो का प्रसारण हुआ था. यह प्रसारण 20 किलोमीटर दूर समंदर में मौजूद जहाज पर भी सुना जा सकता था.
 
1938: देश के जाने-माने संतूर वादक पंडित शिवकुमार का जन्‍म हुआ था.
 
1949: अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा का जन्‍म हुआ था.
 
1964: भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हिंदू और मुसलमानों के बीच भयानक सांप ….

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12 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

12 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1863: भारत को ज्ञान प्रकाश से मिलाने वाले स्‍वामी विवेकानंद का जन्‍म हुआ था. 
 
1948: महात्मा गांधी ने अपना अंतिम भाषण दिया और सांप्रदायिक हिंसा के विरुद्ध अनशन में बैठने का फैसला किया. वे 1947 में भारत के विभाजन से बहुत दुखी थे.
 
1991: अमरीकी संसद ने इराक के खिलाफ सैनिक कार्रवाई करने की मंज़ूरी दे दी थी. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने तत्कालीन इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 15 जनवरी तक कुव ….

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11 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

11 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1922: डायबटीज के मरीजों को पहली इंसुलिन दी गई थी.
 
1954: बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नोबल विजेता कैलाश सत्‍यार्थी का जन्‍म हुआ था.
 
1962: पेरू के उत्तरी-पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र में पत्थरों और बर्फ़ की बड़ी-बड़ी चट्टानों के सरकने से कई गांव और शहर बर्फ़ और चट्टानों की तह के नीचे दब गए जिसमें कम से कम दो हज़ार लोगों की मौत हो गई थी.
 
1966: ….

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ये हैं Wi-Fi के जनक, सबसे पहले इन्हें आया था स्मार्टफोन का आइडिया

ये हैं Wi-Fi के जनक, सबसे पहले इन्हें आया था स्मार्टफोन का आइडिया

वाई-फाई ने लोगों की जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है लेकिन क्‍या आपको पता है कि वाई-फाई का आविष्‍कार किसने किया. वाई-फाई के जनक के रूप में अमेरिकी- सर्बियाई आविष्‍कारक निकोला टेस्‍ला को याद किया जाता है. उनका जन्‍म साल 1856 में 10 जुलाई को हुआ था.
 
जानें निकोल टेस्ला के बारे में कुछ बातें...
 
- निकोला टेस्‍ला ने वायरलेस कम्‍यूनिकेशन के अलावा एसी करंट, टेस्ला वेव्स, बिजली से चलने वाली मोटर, रोबोटिक्स, रिमोट कंट्रोल, राडार, एक्‍स रे आदि का आविष्‍कार किया.
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10 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

10 जनवरी को हुये उल्लेखनीय तथ्य

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1863: आज ही के दिन लंदन में विश्व की पहली अंडरग्राउंड रेल सेवा के साथ हुई थी. लंदन की तेज रफ्तार और भीड़ भाड़ वाली जिंदगी में मेट्रो सेवा के आने से बड़ी क्रांति आई.
 
1991: संयुक्त राष्ट्र महासचिव जेवियर पेरेज़ द कुइयार खाड़ी युद्ध टालने की अपनी आखिरी कोशिश के तहत इराक़ की राजधानी बगदाद गए थे.
 
1954: ब्रिटेन का कॉमेट जेट भूमध्यसागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी 35 लोग म ….

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जानें- क्या है IAS और IPS में अंतर, सैलरी भी होती है अलग

जानें- क्या है IAS और IPS में अंतर, सैलरी भी होती है अलग

हर कोई सपना देखता है कि वो भविष्य में आईएएस, आईपीएस, आईईएस, आईएफएस अधिकारी बनें. हालांकि कई लोगों को इन अधिकारियों के काम, वेतन आदि के बारे में पता नहीं होता है और इनकी भूमिकाओं को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. आज हम आपको आईएएस, आईपीएस अधिकारियों में अंतर बता रहे हैं, जिनके बारे में लोग कंफ्यूज रहते हैं.
 
आईएएस और आईपीएस का पद विशेष अधिकार वाला होता है. इन्हें लोक सेवा अधिकारियों के तौर पर जाना जाता है और ये भारतीय लोकतंत्र के ध्वजवाहक कहलाते हैं. इनकी अलग अलग भूमिकाएं होती है और इनकी सैलरी में भी बहुत अंतर होता है. यह सभी अधिकारी संघ लोक सेवा आयोग की ओर स ….

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'दूरदर्शन' जिससे भारत में शुरू होता है टेलीविजन का इतिहास

'दूरदर्शन' जिससे भारत में शुरू होता है टेलीविजन का इतिहास

भारत में टेलीविजन के इतिहास की कहानी दूरदर्शन के इतिहास से ही शुरू होती है. आज भी दूरदर्शन का नाम सुनते ही अतीत की कई गुदगुदाती बातें याद आ जाती हैं. भले ही आज टीवी चैनल्स पर कार्यक्रमों की बाढ़ आ गई हो लेकिन दूरदर्शन की पहुंच को टक्कर दे पाना अभी भी किसी के बस की बात नहीं है .  आपके चैनल 'दूरदर्शन' की स्‍थापना एक परीक्षण के तौर पर दिल्ली में 15 सितंबर 1959 को हुई थी.
 
जानते हैं दूरदर्शन के गौरव से जुड़े कुछ खास तथ्यों के बारे में
जब दूरदर्शन की शुरुआत हुई थी, उस समय का प्रसारण हफ्ते में सिर्फ तीन दिन आधा-आधा घंटे होत ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 7 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 7 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1943: वाई-फाई के जनक मशहूर अमेरिकी सर्बियाई आविष्‍कारक निकोला टेस्‍ला का निधन हुआ था. 
 
1967: हिंदी सिनेमा जगत के किरदारों में नए सिरे से जान डालने वाले इरफान खान ने दुनिया में कदम रखा. 
 
1980: आपातकाल के चलते सत्ता से उखाड़ फेंकने के तीन साल से कम अवधि के बाद ही भारत की जनता ने एक बार फिर से देश की बागडोर इंदिरा गांधी के हाथों सौंप दी.
 
1990: पिछले ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 6 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 6 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1838: आज ही के दिन सैमुएल मोरसे पहली बार दुनिया के सामने टेलीग्राफ तकनीक को लाए थे, जो भविष्य में दूरसंचार का आधार साबित हुआ.
 
1885: आधुनिक भारत के दिग्‍ग्‍ज हिंदी कवि और लेखकों में से एक भारतेंदु हरिश्‍चंद्र का निधन हुआ था.
 
1918: बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार भरत व्यास का जन्म हुआ.
 
1928: भारतीय नाटककार और रंगमंचकर्मी विजय तेंदुलकर का जन्म हुआ.
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कम मेहनत के करें ये काम, घर बैठे होगी अच्छी इनकम!

कम मेहनत के करें ये काम, घर बैठे होगी अच्छी इनकम!

कई लोगों का मानना होता है कि करियर बनाने के लिए किसी भी शख्स को मेहनती होना आवश्यक है. कई लोग स्‍वभाव से काफी आलसी किस्‍म के होते हैं और अपने काम को आराम से करना पसंद करते हैं. वैसे तो उन लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन ऐसे लोगों के लिए भी कई ऐसे रोजगार हैं, जिसमें वो बिना किसी दिक्कत के आसानी से पैसे कमा सकते हैं और इसके लिए उन्हें अपनी आदतों ज्यादा बदलाव नहीं करना होगा.
 
आलसी मेधावियों के लिए बिल गेट्स ने भी कहा है कि मैं किसी भी मुश्किल काम के लिए हमेशा आलसी व्यक्ति का चयन करूंगा...क्योंकि वह इसे करने का आसान तरीका ढूंढ लेगा. आइए जानत ….

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ब्राह्मण ग्रंथो को फेंकने की बात करती थीं सावित्रीबाई फुले

ब्राह्मण ग्रंथो को फेंकने की बात करती थीं सावित्रीबाई फुले

आज देश की पहली महिला शिक्षक, समाज सेविका, कवि और वंचितों की आवाज उठाने वाली सावित्रीबाई ज्‍योतिराव फुले का जन्मदिन है. उनका जन्म आज ही के दिन 1831 में एक दलित परिवार में हुआ था. सावित्रीबाई फुले देश की पहली महिला अध्यापक-नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता थीं. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कई बातें...
 
सावित्रीबाई फुले की 1840 में 9 साल की उम्र में 13 साल के ज्‍योतिराव फुले से शादी हो गई थी. सावित्रीबाई फुले ने अपने पति क्रांतिकारी नेता ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए 18 स्कूल खोले. उन्‍होंने पहला और अठारहवां स्कूल भी पुणे मे ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 3 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 3 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 3 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, इनमें से ये सभी प्रमुख हैं....
 
1833 - ब्रिटेन ने दक्षिण अटलांटिक के फ़ॉकलैंड द्वीप पर कब्जा किया.
 
1894 - रवीन्द्र नाथ टैगोर ने शांति निकेतन में 'पौष मेला' का उद्घाटन किया.
 
1901 - शांति निकेतन में ब्रह्मचर्य आश्रम खुला.
 
1911 - अमेरिका में डाक बचत बैंक का उद्घाटन हुआ.
 
1929 - महात्मा गांधी लॉर्ड इरविन से मिले.

देश और दुनिया के इतिहास में 2 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 2 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 2 जनवरी कई कारणों से महत्वपूर्ण है, इनमें से ये प्रमुख हैं...
 
1757: ब्रिटिश सैनिकों ने भारत के कलकत्ता शहर (अब कोलकाता) पर कब्जा किया.
 
1839: फ्रांसिसी फोटोग्राफर लुई दागुएरे ने चांद की पहली फोटो प्रदर्शित की.
 
1989: लोकप्रिय नाट्यकर्मी सफदर हाशमी को एक नाटक के दौरान असामाजिक तत्वों ने बड़ी बेहरमी से पीटा इसी कारण उनकी मौत 2 जनवरी को हो गई.
 
1954: भारत रत्‍न पुरस्कार देना प्रारम्भ किया गया.
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देश और दुनिया के इतिहास में 1 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में 1 जनवरी

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1664 : छत्रपति शिवाजी ने सूरत अभियान शुरु किया था.
 
1912: रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्‍थापना हुई.
 
1948: इटली का संविधान अस्तित्‍व में आया था.
 
1978: एयर इंडिया का बोइंग 747 हादसे का शिकार हुआ था. इस विमान में सवार सभी 213 लोगों की मौत हो गई थी.
 
1971: टेलीविजन पर सिगरेट विज्ञापनों का प्रसारण प्रतिबंधित किया गया.
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रामानुजन यानी गणित का दीवाना, 100 से भी ज्यादा तरीकों से बना सकते थे 1 सवाल

रामानुजन यानी गणित का दीवाना, 100 से भी ज्यादा तरीकों से बना सकते थे 1 सवाल

रामानुजन बेहद गरीब परिवार से थे. उनके पास अपने शौक पूरा करने के पैसे नहीं थे. मशहूर है कि रामानुजन गणित के एक सवाल को 100 से भी ज्यादा तरीकों से बना सकते थे. इसी खासियत ने उन्हें दुनिया में गणित के गुरु का दर्जा दिला दिया.
 
श्रीनिवास रामानुजन का बचपन अन्य बच्चों जैसा सामान्य नही था. 3 साल की उम्र तक वो बोल नहीं पाए थे, जिसकी वजह से माता-पिता को चिंता होने लगी थी कि रामानुजन गूंगे तो नहीं है. वो विलक्षण प्रतिभा के धनी थे. उनकी प्रतिभा कभी उम्र की मोहताज नहीं रही. रामानुजन का जीवन सिर्फ 33 तक रहा. 
 
नही ….

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जानें- 114 साल पहले कैसे राइट बंधुओं ने किया था हवाई जहाज का आविष्कार

जानें- 114 साल पहले कैसे राइट बंधुओं ने किया था हवाई जहाज का आविष्कार

17 दिसंबर 1903 के दिन राइट बंधुओं ऑरविल और विलबर ने उत्तरी कैरोलिना में राइट फ्लायर नामक विमान से सफल उड़ान भरी थी. विमान 120 फीट की ऊंचाई पर 12 सेकेंड तक उड़ा.
 
जानें पहली उड़ान की सफलता की कहानी...
- हवाई जहाज का आविष्कार करने वाले राइट बंधु बचपन से ही कल्पनाशील थे और अपनी कल्पनाओं की उड़ान में उन्होंने हवाई जहाज बनाने का सपना देखना शुरू कर दिया था.
 
- अमेरिका के हटिंगटन स्थित यूनाइटेड ब्रेदेन चर्च में बिशप के पद पर कार्यरत उनके पिता ने बचपन में उन्हें एक खिलौना हेलीकॉप्टर दिया था ….

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जानें- कौन था तैमूर, जिस पर करीना-सैफ ने रखा है अपने बच्चे का नाम

जानें- कौन था तैमूर, जिस पर करीना-सैफ ने रखा है अपने बच्चे का नाम

आपने बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री के बेटे तैमूर के बारे में तो बहुत कुछ सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं यह नाम किस पर रखा गया है और इतिहास में तैमूर कौन था. आइए जानते हैं कौन हैं तैमूर और क्यों इसके नाम पर इतना विवाद रहा था...
 
तैमूरलंग उर्फ तैमूर लंगड़ा (1336-1405) तुर्की से चलकर हिंदुस्तान आया था. उसका जन्म 1336 में बारअक्स में हुआ था. 1369 में तैमूर समरकंद का बादशाह बन गया. वही समरकंद जहां से बाबर आया था. चंगेज खान की तर्ज पर तैमूर ने भी लड़ाई से ज्यादा विनाश शुरू किया. इनकी पॉलिसी को बाद में स्कॉर्च्ड अर्थ पॉलिसी कहा गया. 1393 तक ….

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प्रतिभा पाटिल: रचा था यह इतिहास, गिफ्ट ले जाने से भी हुई चर्चा

प्रतिभा पाटिल: रचा था यह इतिहास, गिफ्ट ले जाने से भी हुई चर्चा

प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जन्म 19 दिसम्बर, 1934 को महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. प्रतिभा पाटिल स्वतंत्र भारत के 60 साल के इतिहास में देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाली प्रथम महिला राष्ट्रपति हैं. प्रतिभा पाटिल कांग्रेस पार्टी के साथ काफी लम्बे समय से जुड़ी रहीं और राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते समय वो राजस्थान की राज्यपाल थीं. वो 2007 से 2012 तक देश की 12वीं राष्ट्रपति रहीं.
 
1962 में उन्होंने राजानीति में प्रवेश किया था. वो 1962 में जलगांव से विधायक निर्वाचित हुईं. इसके बाद 1967 से 1985 के बीच उन्होंने मक्तेनगर से जीत दर्ज की. 1985 में वह राज्य ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 19 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 19 दिसंबर

दुनिया के इतिहास में 19 दिसंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण हैं. इनमें से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने दुनिया के इतिहास को बदल कर रख दिया है.
 
1154: किंग हेनरी द्वितीय इंग्लैंड के सम्राट बने.
 
1842: अमेरिका ने हवाई को प्रांत के रूप में मान्यता दी.
 
1927: महान स्वतन्त्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दे दी.
 
1961: गोवा को पुर्तगाल की गुलामी से आजादी मिली. ऑपरेशन विजय के तहत भारतीय सैनिकों ने गोवा के बॉर्ड मे ….

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भिखारी ठाकुर: एक आम आदमी जिसने भोजपुरी को बना दिया खास...

भिखारी ठाकुर: एक आम आदमी जिसने भोजपुरी को बना दिया खास...

भोजपुरी के शेक्सपीयर कहे जाने वाले लोक कलावंत भिखारी ठाकुर की आज जन्मदिन है. वह भोजपुरी के समर्थ लोक कलाकार होने के साथ ही रंगकर्मी, लोक जागरण के सन्देश वाहक, नारी विमर्श और दलित विमर्श के उद्घोषक, लोक गीत तथा भजन कीर्तन के अनन्य साधक भी रहे हैं.
 
18 दिसंबर 1887 को छपरा के कुतुबपुर दियारा गांव में एक निम्नवर्गीय नाई परिवार में जन्म लेने वाले भिखारी ठाकुर ने विमुख होती भोजपुरी संस्कृति को नया जीवन दिया. भोजपुरी के नाम पर सस्ता मनोरंजन परोसने की परंपरा भी उतनी ही पुरानी है, जितना भोजपुरी का इतिहास.
 
उन्होंने भोजपुरी ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 18 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 18 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 18 दिसंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है, उनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1787: न्यूजर्सी अमेरिकी संविधान को अपनाने वाला तीसरा प्रांत बना.
 
1799: अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन के पार्थिव शरीर को माउंट वर्नान में दफनाया गया.
 
1878: सोवियत यूनियन को महाशक्ति में बदलने वाले नेता जोसेफ स्टालिन का जन्म हुआ.
 
1897: भोजपुरी कलाकार, संगीतकार और सामाजिक कार्यकर्ता भिखारी ठाकुर का जन्म हुआ था.

देश और दुनिया के इतिहास में 17 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 17 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 17 दिसंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है, उनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1645: मुगल सम्राट जहांगीर की पत्नी नूरजहां बेगम का निधन हुआ.
 
1903: राइट बंधुओं ने 'द फ्लायर' नामक विमान पहली बार उड़ाया था. 12 सेकेंड की इस उड़ान ने दुनिया में क्रांति ला दी थी.
 
1928: लाला लाजपात राय की हत्या का बदला लेने के लिए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने उन पर लाठी चार्ज करने वाले सांडर्स की हत्या कर दी.
 
1998: अमेरिकी और ब्रिटिश बम ….

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देश और दुनिया के इतिहास में 16 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 16 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 16 दिसंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं...
 
1971: एक आजाद देश के रूप में बांग्लादेश का जन्म हुआ.
 
1960: अमेरिका के न्यूयार्क शहर में हुए दो विमानों की टक्कर के कारण 136 लोग मारे गए.
 
1985: देश का प्रथम फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्ट ने कलपक्कम में कार्य करना शुरू कर दिया.
 
1920: चीन में आए भूकंप के कारण से 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. यह भूकंप चीन के कान्सू प्रांत में आया था.

देश और दुनिया के इतिहास में 15 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में 15 दिसंबर

देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कई घटनाएं हुईं, जिनमें ये प्रमुख हैं.
 
1852: एफिल टावर बनाने वाले फ्रांसीसी इंजीनियर और आर्किटेक्‍ट गुस्‍ताव एफिल का जन्‍म हुआ था.
 
1950: लौहपुरुष सरदार वल्‍लभभाई पटेल का निधन हुआ था.
 
1961: नाजी तानाशाह अडोल्फ हिटलर के यहूदी नरसंहार में व्यवस्थित कत्लेआम के आयोजक आडोल्फ आइषमन को आज के दिन में मौत की सजी सुनाई गई.
 
1973: अरब इसराइल युद्ध के चलते अरब तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक ने अमरीका ….

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