भारत में ऐसे हुई ताजियादारी की शुरुआत, जानें शिया-सुन्नी में क्यों है मतभेद

भारत में ऐसे हुई ताजियादारी की शुरुआत, जानें शिया-सुन्नी में क्यों है मतभेद

मुहर्रम मुसलमानों का कोई त्योहार नहीं है, बल्कि सिर्फ इस्लामी हिजरी सन्‌ का पहला महीना है. पूरी दुनिया के मुसलमान मुहर्रम की नौ और दस तारीख को रोजा रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत करते हैं. मुहर्रम के महीने में इमाम हुसैन की शहादत के गम में लोग मातम मनाते हैं. वहीं बात करें ताजिया की तो यह परंपरा भारत से ही शुरू हुई थी.
 
भारत में ताजिए की शुरुआत बादशाह तैमूर लंग ने की थी. तैमूर लंग तुर्की योद्धा था और विश्व विजय उसका सपना था. फारस, अफगानिस्तान, मेसोपोटामि ….

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लड़कियों के पास आज भी नहीं लड़कों जैसे 5 अधिकार

लड़कियों के पास आज भी नहीं लड़कों जैसे 5 अधिकार

महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें समाज में समान दर्जा दिलाने के उद्देश्य से 26 अगस्त को हर साल वूमेन इक्विलिटी डे सेलिब्रेट किया जाता है. 1973 से लगातार इस दिवस को मनाया जा रहा है, इसके बावूजद भारत में आज भी महिलाओं को कई मामलों में पुरुषों जैसे अधिकार नहीं मिलते.
 
1. पुरुषों की तरह महिलाओं को भी अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का अधिकार होना चाहिए. इसके बावजूद रूढ़ीवादी परिवारों में महिलाओं को इसकी स्वतंत्रता नहीं है. आज भी कई परिवारों में लड़के बेझिझक अपनी प ….

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झारखंड में 'किचन गार्डन' से महिलाएं दूर कर रही हैं कुपोषण की दिक्कत

झारखंड में 'किचन गार्डन' से महिलाएं दूर कर रही हैं कुपोषण की दिक्कत

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की ग्रामीण महिलाएं अब न खुद और न अपने बच्चों को केवल माड़-भात खिला रही हैं, बल्कि अब उनके खाने की थाली में एक-दो सब्जियां भी शामिल हो रही हैं. कुपोषित बच्चों का इलाज कराने आ रहीं महिलाएं अस्पताल के किचन गार्डन में भी साग-सब्जियां उगा रही हैं और उसे बच्चों के खाने में शामिल कर रही हैं.
 
पश्चिम सिंहभूम के एक अधिकारी ने बताया कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम सिंहभूम जिले में करीब दो लाख से ज्यादा ग्रामीण बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिला प्रशासन अपने जिले पर लगे इस कलंक को ….

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